Vyarth chintit ho rahe ho व्यर्थ चिंतित हो रहे हो- Saraswati Vandana

Saraswati is the Hindu goddess of knowledge, music and all the creative arts. Saraswati is called the Mother of the Veda’s and the repository of Brahma’s creative intelligence. Saraswati is also called Vak Devi, the goddess of speech. Dressed in white, Saraswati holds a mala and a palm leaf scroll, indicating knowledge. Saraswati usually rides a swan and sometimes a peacock, while playing music on a veena.

Saraswati is the Hindu goddess of knowledge, music and all the creative arts. Saraswati is called the Mother of the Veda's and the repository of Brahma's creative intelligence. Saraswati is also called Vak Devi, the goddess of speech. Dressed in white, Saraswati holds a mala and a palm leaf scroll, indicating knowledge. Saraswati usually rides a swan and sometimes a peacock, while playing music on a veena.
Sarswati Vandana

 

Lyrics 

व्यर्थ चिंतित हो रहे हो
व्यर्थ दर कर रो रहे हो
अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो
जो हुआ अच्च्छा हुआ
जो हो रहा अच्च्छा ही है
होगा जो अच्छा ही होगा
यह नियम सच्चा ही है
पेर भुला दो बोझ कल का
आज तुम क्यू दो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो

हुए भूली भूलो का फिर
आज पासचताप क्यूँ
कल क्या होगा आनिश्चित है
आज फिर संताप क्यूँ
जुट पदो कर्तव्या मे तू
बात किसकी जो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
व्यर्थ जीवन खो रहे हो

क्या गया तुम रू पड़े
तुम लाए क्या थे खो दिया
है किया क्या नष्ट तुमने
ऐसा क्या था खो दिया
व्यरत ग्लानि से भरा मॅन
आँसुओ से दो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

लेके खाली हाथ आए
जो लिया यही से लिया
जो लिया नसीब से उसको
जो दिया यही पेर दिया
जानकार दस्तूर जाग का
क्यू परेशन हो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जो तुम्हारा आज है कल
वो ही था किसी और का
होगा परसो जाने किसका
यह नियम सरकार का
मग्न हो अपना समझना
दुखो को सॅंजो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जिसको तो तुम मृत्यु समझते
है वही जीवन तुम्हारा
है नियम जाग का बदलना
क्या पराया क्या तुम्हारा
एक क्षद मे कंगाल हो क्षद
भरम धन से हो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

मेरा तेरा बड़ा छ्होटा
भेद ये मॅन से हटा दो
सब तुम्हारे तुम सभी के
फ़ासले मान से हठाड़ो
कितने जनमो तक करोगे
पाप कर तुम जो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

है किराए का मकान ना
तुम हो इससके ना तुम्हारा
पाँच तत्वो का बना घर
देह को इनका सहारा
इस मकान मे हो मुसाफिर
इस कदर यू सो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

उठो अपने आप को
भगवान को अर्पित करो
अपनी चिंता शोक और भाए
सब उससे अर्पित करो
है वही उत्तम सहारा
क्यू सहारा खो हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

जब करो जो भी करो
आर्पण करो भगवान को
सदा करदो समर्पण
त्याग कर अभिमान को
मुक्ति का आनंद अनुभव
सर्वदा क्यू खो रहे हो

अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो
व्यर्थ चिंतित हो रहे हो
व्यर्थ दर कर रो रहे हो
अजन्मा है अमर आत्मा
भाए मे जीवन खो रहे हो

<

p style=”text-align: center;”>Bhajan By- Anuradha Paudwal

Leave a Reply